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SHARAD PURNIMA 2017

शरद पूर्णिमा – 2017 – महत्व तथा उत्सव (In Hindi)

शरद पूर्णिमा हिन्दू पंचांग में सर्वाधिक धार्मिक महत्व वाली पूर्णिमा है। यह शरद ऋतू में आती है तथा इसे अश्विन मास (सितंबर- अक्टूबर) की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस उत्सव को कौमुदी अर्थात चन्द्र प्रकाश अथवा कोजागरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। भारत के कई राज्यों में शरद पूर्णिमा को फसल कटाई के उत्सव के रूप में मनाते हैं तथा इस दिवस से वर्षा काल की समाप्ति तथा शीत काल की शुरुआत होती है।

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शरद पूर्णिमा 2017 –तिथि तथा समय (In Hindi)

भारतीय पंचांग के अनुसार शरद पूर्णिमा का उत्सव इस वर्ष 5 अक्टूबर 2017 को मनाया जाता है तथा चन्द्र दर्शन का समय साय: 6.20 बजे है।

शरद पूर्णिमा का महत्व (In Hindi)

शरद पूर्णिमा वह धार्मिक पर्व है जिसमें चन्द्रमा के पूर्ण स्वरूप का उत्सव मनाया जाता है। इस दिन चन्द्र देव पूरी 16 कलाओं के साथ उदय होते हैं। भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार प्रत्येक कला मनुष्य की एक विशेषता का प्रतिनिधित्व करती है तथा सभी 16 कलाओं से सम्पूर्ण व्यक्तित्व बनता है। यह मान्यता है कि श्री कृष्ण सभी सोलह कलाओं से युक्त थे।

शरद पूर्णिमा के दिन चन्द्रमा से उत्पन्न होने वाली रश्मियाँ (किरणें) अद्भुत स्वास्थ्प्रद तथा पुष्टिवर्धक गुणों से भरपूर होती है। साथ ही यह मान्यता भी है कि इस दिन चंद्र प्रकाश से अमृत की वर्षा होती है। श्रद्धालु इस दिन खीर बना कर इसे चन्द्रमा के सभी सकारात्मक एवं दिव्य गुणों के लिए इस मिष्ठान के बर्तन को चन्द्र प्रकाश के सीधे संपर्क में रखते हैं। इस खीर को प्रसाद के रूप में अगली सुबह वितरित किया जाता है।

नवविवाहिता स्त्रियों द्वारा किये जाने वाले पूर्णिमा व्रत का प्रारंभ शरद पूर्णिमा पर्व से होता है, यह दिवस धन की देवी, माता लक्ष्मी से भी सम्बंधित है। ऐसी मान्यता है कि शरद पूर्णिमा को व्रत रख कर पुर्ण रात्री माता लक्ष्मी का पूजन करने से व्यक्ति की कुण्डली में लक्ष्मी योग नहीं होने के उपरांत भी अथाह धन तथा वैभव की प्राप्ति होती है।

शरद पूर्णिमा के उत्सव को भगवान कृष्ण से भी जोड़ा गया है। इसे रास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता यह है कि शरद पूर्णिमा की रात्रि को प्रभु श्री कृष्ण ने गोपियों के साथ महा रास नामक दिव्य नृत्य किया था। बृज तथा वृन्दावन में रास पूर्णिमा को वृहद स्तर पर मनाया जाता है।

शरद पूर्णिमा उत्सव (In Hindi)

चन्द्र देव एवं माता लक्ष्मी की आराधना कर शरद पूर्णिमा उत्सव मनाया जाता है। श्रद्धालू पूरे दिन उपवास करते हैं तथा पूजा एवं शरद पूर्णिमा व्रत कथा का श्रवण कर व्रत समाप्त करते हैं। 

Sharad Purnima 2017

Sharad Purnima is one of the most religiously significant full moon nights in Hindu Calendar. It comes in the Sharad Ritu (season) and is observed on Purnima (full moon night) in the month of Ashvin (September/October). This celebration is also known as Kaumudi, i.e. Moonlight or Kojagari Purnima. Sharad Poonam is also celebrated as a harvest festival in many states of India and also marks the beginning of the winter season after monsoon.

SHARAD PURNIMA 2017 DATE AND TIME

On Indian Calendar this year, Sharad Purnima will be observed on

5th October 2017

Moonrise Time - 6:20 PM

SHARAD PURNIMA SIGNIFICANCE

Sharad Poonam is a spiritual festival that celebrates the moon in its utmost prime. Moon, on this day, comes out with all its 16 Kalas. In Indian astrology, it is believed that each Kala represents one human quality and an amalgamation of all these 16 Kalas make a perfect personality. It is believed that Lord Krishna was born with all the sixteen Kalas.

Moon of Sharad Poornima emanates rays which possess incredible healing and nourishing properties. Also, it is believed that the moonlight on this day drips elixir or Amrit. So, devotees on this day, prepare Kheer and put the bowl of this sweet dish in direct moonlight to gather all the positive and divine rays of the moon. The next day, this Kheer is distributed among all as Prasad.

The initiation of Purnimasi Vrat, i.e. fasting on all full moon nights, by newlywed women is done on  Sharad Purnima Festival. This day is also associated with Lakshmi, Goddess Of Wealth. It is believed that if one worships Goddess Lakshmi all night long while observing a fast on Sharad Purnima is blessed with enormous wealth and prosperity even if there is no Lakshmi Yoga in his/her birth chart or horoscope.

The celebration of Sharad Purnima is also associated with Lord Krishna. It is also known as Raas Purnima owing to the belief that on the night of Sharad Poonam, Lord Krishna performed the divine dance known as Maha- Raas with his Gopis. Raas Purnima is celebrated on a grand scale in Brij and Vrindavan.

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SHARAD PURNIMA CELEBRATIONS

Sharad Purnima celebrations are associated with the worship of Chandra Dev (Moon) and Goddess Lakshmi. Devotees observe a day-long fast on this day and break the fast after performing the Puja and listening to Sharad Purnima Vrat Katha.

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