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नाडी दोष निवारण के सरल उपाय- प्रतिकूल प्रभाव व पूजा

Nadi Dosh Solution in Hindi

Date : 09 Dec, 2019

Nadi Dosh Nivaran Upay in Hindi

जब भी भारत में, विशेष रूप से हिंदू धर्म में विवाह प्रस्ताव पर विचार किया जाता है, तो इसमें सबसे पहले करने वाला महत्वपूर्ण कार्य कुंडली मिलान का होता है। लड़के और लड़की की जन्म कुंडली का मिलान उनके वैवाहिक जीवन की अनुकूलता, सफलता, प्रेम और खुशीयों को जानने के लिए शादी करने से पहले किया जाता है। आठ गुनों या अष्टकूटों में से, सबसे महत्वपूर्ण नाड़ी गुण होता है, जिसे अत्यधिक महत्व दिया जाता है। यदि नाडी दोष किसी जोड़े की कुंडली में मौजूद है, तो उनके बीच विवाह को व्यवहारिक नहीं माना जाता है और आमतौर पर विवाह नहीं किया जाता है।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, नाडियों के तीन प्रकार हैंः

  • आदि नाडी

  • मध्य नाडी

  • अंत्या नाडी

नाडी दोष क्या है?

शादी करने वाले जोड़े के लिए, उनकी कुंडली या जन्म कुंडली में नाडियाँ अलग-अलग होनी चाहिए। उनकी कुंडली में एक ही प्रकार की नाडियाँ होना नाड़ी दोष का कारण बनती हैं, जिससे दांपत्य जीवन में परेशानी आ सकती है।

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नाडी दोष के प्रभाव

नाडी दोष के प्रतिकूल प्रभाव इस दोष की गहनता के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। आमतौर पर होने वाले नकारात्मक प्रभावों में से कुछ इस प्रकार हैंः

  • परेशानी और समस्याग्रस्त विवाहित जीवन

  • स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ

  • दम्पति के बीच कोई प्यार या आकर्षण नहीं होना

  • कमजोर या विकलांग बच्चों का जन्म

  • बांझपन की संभावना

  • नाडी दोष निवारण

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नाडी दोष निरस्तीकरण

लड़के और लड़की के जन्म चार्ट में कुछ ज्योतिषीय संयोजन होते हैं, जो नाडी दोष के नकारात्मक प्रभावों को खत्म करते हैं।

  • दूल्हे व दुल्हन के जन्म चार्ट में समान राशी के समान नक्षत्र होने के परिणामस्वरूप नाडी दोष नहीं माना जाता है।

  • यदि राशी का स्वामी शुक्र, बुध या बृहस्पति है, तो लड़के और लड़की की एक ही नाडी होने पर भी नाडी दोष नहीं माना जायेगा।

  • यदि वर और वधू की कुंडली में एक ही नक्षत्र है लेकिन राशियां अलग-अलग हैं, तो इसे असाधारण नाडी दोष माना जाता है। (लड़की का जन्म राशी और जन्म चरण दूल्हे से पहले नहीं होना चाहिए)।

  • यदि लड़के और लड़की की जन्म राशि एक ही है, लेकिन नक्षत्र अलग-अलग हैं (दुल्हन का नक्षत्र लड़के के नक्षत्र से पहले नहीं हो सकता), तो इस स्थिति में भी नाडी दोष नहीं माना जाता है।

नाडी दोष निवारण

नाडी दोष एक भयावह ज्योतिषीय संयोजन है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। यदि यह दोष मौजूद है, तो व्यक्ति को इसे समाप्त करने के लिए प्रभावी तरीके और उपाय अपनाने चाहिए।

महा मृत्युंजय जाप

महा मृत्युंजय जाप का अत्यंत भक्ति के साथ जप करना सबसे प्रभावी नाडी दोष निवारण में से एक है।

नाडी दोष निवारण पूजा

नाडी दोष निवारण पूजा इस दोष के नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकती है। यह एक विशेष पूजा होती है और एक विद्वान पुजारी के मार्गदर्शन में की जानी चाहिए।

दान और परोपकार

अच्छे कर्म भी इस दोष के प्रतिकूल प्रभावों को कम कर सकते हैं। जरूरतमंदों को अनाज, कपड़े और भोजन दान करना चाहिए। साथ ही, एक या एक से अधिक ब्राह्मण परिवारों को अनाज, कपड़े, गाय और स्वर्ण-नाड़ी भेंट करनी चाहिए।

भगवान विष्णु से विवाह

अपनी कुंडली में नाडी दोष वाली दंपति में, दुल्हन को शादी पहले भगवान विष्णु की मूर्ति से शादी करनी चाहिए। यह उपाय इसके प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकता है।

नाडी दोष होने से दंपति पर कुछ अत्यधिक हानिकारक प्रभाव पड़ सकते हैं। एक ज्योतिषी से सलाह लेनी चाहिए और एक खुशहाल और सफल विवाहित जीवन सुनिश्चित करने के लिए उनकी कुंडलियों का मिलान करना चाहिए।

अपनी विस्तृत कुंडली मिलान रिपोर्ट प्राप्त करें ताकि आप जान सकें कि नाडी दोष है या नहीं।


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