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MATA BRAHMACHARINI AARTI VRAT KATHA PUJA VIDHI

Mata Brahmacharini Aarti

जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता। 

जय चतुरानन प्रिय सुख दाता। 
ब्रह्मा जी के मन भाती हो। 
ज्ञान सभी को सिखलाती हो। 
ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा। 
जिसको जपे सकल संसारा। 
जय गायत्री वेद की माता। 
जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता। 
कमी कोई रहने न पाए। 
कोई भी दुख सहने न पाए। 
उसकी विरति रहे ठिकाने। 
जो तेरी महिमा को जाने। 
रुद्राक्ष की माला ले कर। 
जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर। 
आलस छोड़ करे गुणगाना। 
मां तुम उसको सुख पहुंचाना। 
ब्रह्माचारिणी तेरो नाम। 
पूर्ण करो सब मेरे काम। 
भक्त तेरे चरणों का पुजारी। 
रखना लाज मेरी महतारी। 

Mata Brahmacharini Vrat Katha

नवरात्री पर्व के दूसरे दिन नवदुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी का पूजन किया जाता है। मां ब्रहाम्चारिणी ज्ञान तथा वैराग्य की अष्टिधात्री हैं। मां ब्रह्मचारिणी की कथा पढने एवं सुनने से कठिन समय में भक्तों को संबल मिलता है।

कहा जाता है कि हिमालय के घर पुत्री के रूप में अवतरित मां ब्रह्मचारिणी ने नारदजी के आदेशानुसार भगवान् शंकर को पति रूप में पाने के लिए तपस्वरूप एक हजार वर्ष भोजन के रूप में केवल फ़ल-फूल ग्रहण किये तथा एक सौ वर्ष तक केवल शाक पर निर्वाह किया। मां ब्र्हम्चारिणी इतने पर ही अपनी तपस्या को विराम नहीं दिया बल्कि तीन हजार वर्ष तक केवल टूटे हुए बिल्व पत्र खा कर गुजारा किया। बाद में इनका त्याग कर हजारों वर्षों तक निर्जल एवं निराहार तपस्या की।

भगवान् शंकर को पाने के लिए की गई इतनी विकट एवं कठिन तपस्या के कारण देवी का शरीर कृषकाय होगया है। देवता, ऋषिगण, इत्यादि महापुरुषों ने मां ब्र्हम्चारिणी के तप की सराहना इसको अभूतपूर्व बताया। सभी ने प्रसन्न होकर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इतनी कठिन तपस्या तो किसी ने भी नहीं की है। आपकी सभी मनोकामनायें पूरी होंगी तथा भगवान् चंद्रमौली शिवजी आपको पत्नी के रूप में वरण करेंगे। आपकी तपस्या सफल रही है, आप अपने पिता के साथ घर चली जायें। माँ ब्रहमचारिणी की इस कथा से प्रेरणा मिलती है कि जीवन के कठिन क्षणों में मन को विचलित नहीं करना चाहिए। मां ब्रहमचारिणी की कृपा से सर्व सिद्धि प्राप्त होती है। 

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Mata Brahmacharini Mantra

दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू ।

देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा ।।

Navratri is celebrated with a great deal of enthusiasm in every part of India. Navratri i.e. 9 nights is a 9 day long celebration with each day holding a distinct significance. It is a festival dedicated to Goddess Durga and her nine forms. Each day is associated with one form of Maa Durga. The second day of Navratra celebrations is dedicated to Maa Brahmacharini, Goddess of Penance. She wears a white saree and holds Kamandal in her left hand and rosary on the other. Goddess Brahmacharini is believed to bestow her devotees with wisdom and knowledge. 

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SIGNIFICANCE OF MAA BRAHMACHARINI PUJA AND VRAT

The significance of Maa Brahmacharini Puja on the second day of Navratri lies in the fact that those who observe strict penance on this day see all their wishes come true. Brahma implies penance or 'tapa' and Goddess Brahmcharini observed a strong tapasya to please Lord Shiva.

According to the legend, Maa Brahmacharini was advised by Rishi Narada to observe a strict penance for hundreds of years to seek the blessings of Lord Shiva. Goddess Brahmacharini observed this stringent penance abstaining from water and food for so many years till she was finally blessed by Lord Shiva to be his divine consort. In simple terms, observing hard penance on this day can make one's wishes come true.

Maa Brahmacharini Puja is performed ardently by the devotees on this day. People usually wear green on this day for paying their reverence to the Goddess. Worshipping Maa Brahmacharini is believed to invoke the strength of abstaining from food and water or facing any hardship for 9 days to achieve bliss and happiness.

Maa Brahmacharini Puja Vidhi

Goddess Brahmacharini Puja beings with 'sthapana' of the idol of the deity. The idol of Goddess is given bath with milk, curd followed by offering of flowers, rice, kumkum, supari and paan. Garlands of rose petals and lotus flower are placed over the idol. Maa Brahmacharini Aarti is then performed followed by mantra recitals and Mata Stuti. Prasad is prepared and distributed among family and neighbors. Devotees observe Maa Brahmacharini Vrat abstaining from food and this ritual is to be followed for the nine days of Navratra to seek blessings of all the nine avatars of Goddess Durga.

Navratri Celebration is a religious observance on which we pay respect to Goddess Shakti who in turn blesses us with strength (physical as well as emotional), power, happiness and health.




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